Saturday, October 24, 2020

जब मजदूरों को जरूरत थी तब नीतीश घर में बंद थे, अब उनके वोटों की जरूरत है तो घर से बाहर निकल आए : तेजस्वी यादव

जब मजदूरों को जरूरत थी तब नीतीश घर में बंद थे, अब उनके वोटों की जरूरत है तो घर से बाहर निकल आए : तेजस्वी यादव 




 इसी महीने बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होने वाला है। जिसके चलते इस वक्त राज्य में हर राजनीतिक पार्टी जोरों शोरों से चुनाव प्रचार में जुटी हुई है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की साख बचाने आज खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार पहुंचे हुए हैं। उन्होंने बिहार के सासाराम में आज एक रैली की है।


 
दरअसल इस बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत जदयू और भाजपा नेताओं का विरोध जग जाहिर हो चुका है। इस बार जनता नीतीश कुमार की जुमलेबाजी सुनने को तैयार नहीं है। इसलिए अब एनडीए पीएम मोदी को चुनाव प्रचार के लिए ले आई है। 


इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव हर दिन एक के बाद एक रैलियां कर रहे हैं। तेजस्वी यादव की रैलियों में नीतीश कुमार और उनकी पार्टी के नेताओं से ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है। 

अपनी रैलियों में राजद नेता नीतीश कुमार पर जमकर हमलावर हो रहे हैं। अपनी हालिया रैली में नीतीश कुमार पर हमलावर होते हुए तेजस्वी यादव ने उन पर करोना महामारी के दौरान प्रवासी मजदूरों की परेशानियों को अनदेखा करने का आरोप लगाया है।


 
तेजस्वी यादव का कहना है कि जब राज्य के मजदूर अपने घर वापस आ रहे थे। तो नीतीश कुमार अपने आवास में बंद थे। अब उन्हें जनता के वोटों की जरूरत है। तो वह घर से बाहर निकल आए हैं। तेजस्वी यादव ने बताया कि नीतीश कुमार 144 दिनों तक अपने घर में बंद रहे। बिहार चुनाव के चलते अब वह चुनाव प्रचार करने घर से बाहर निकले हैं। 


कोरोनावायरस और अब भी है लेकिन अब उन्हें आपका वोट चाहिए। इसलिए वह बाहर आए हैं।
इसके साथ ही तेजस्वी यादव ने लॉकडाउन के दौरान बिहार में बढ़ी बेरोजगारी के मुद्दे पर भी नीतीश सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बड़ी तादाद में नौकरियां देने का वादा किया था। लेकिन आज लोग सड़कों पर उतर कर बेरोजगारी के मुद्दे पर उन्हें घेर रहे हैं।

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